हम – तुम

जिस दिन यह सबित्त हो गया
की तुम बस एक फ्रौड ही थे
कौम के वर्तमान का कुछ नहीं बिगड़ेगा

तुम

गर तुम फरेब कर सबित्त भी कर जाओ
की हमरी नीयत दरअसल काली थी
कौम के वर्तमान का कुछ नहीं बचेगा!

तुममें हममें बस
इत्ता सा फरक है!

हम

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