सवाल – जवाब

जवाब लेने जब जाते हो ना बरखुरदर सवाल घर पे ही छोड़ के जाया करो। बंदा बहुत सीमित सा होवे है एक साथ सवालों और जवाबों का बोझ उठाने के असमर्थ है। और हाँ बिचार और बंदगी करने का गर चाउ चड पड़े सवालोजवाब दोनो से ही मुक्ति पानी होगी तुम्हें! हर सवाल किया नहीं … Continue reading

हक़

मैं डाँटता हूँ मुझे डाँटते हो डाँटता क्यों हूँ? सिर्फ़ इस लिए की तुम अकल से हो साक्षर अर ज़ुबानी हो की तुम हमपे ही सवाल करने का हक़ समझलोगे?

ਅਪਮਾਨ

ਮਾਨ ਦਾ ਪੁੱਠਾ ਨਾਮ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ. ਮਨ ਮਰਿਆਂ ਤੇ ਮਾਨ ਬਣਦੈ ਭ੍ਰਮ ਪਿਆਂ ਤੇ ਮਨ ਲੁੜਕਦਾ ਭਟਕਦਾ ਭੜਕਦਾ ਮਾਇਆ ਆਣ ਡੰਗ ਮਾਰਨ ਤੇ ਮਨ ਮਾਨ ਕਰਦੈ ਤੇ ਅਪਮਾਨ ਸੰਭਵਦਾ

ਜੱਦੀ ਗਿਆਨ ਦੀ ਇੱਕ ਪੁੜੀ

ਜੱਦੀ ਗਿਆਨ ਦੀ ਇੱਕ ਪੁੜੀ ਹਉਮੈਂ ਤੇ ਨਾਮ ਵਿਚ ਕਿ ਅੰਤਰਾ ਹੁੰਦੈ? ਬਜ਼ੁਰਗ ਕਹਿੰਦੇ ਸਨਗੇ ਹਉਮੈਂ ਹੁੰਦੀ ਐ ਹਾਂ-ਮੈਂ! ਹਾਂ-ਮੈਂ! ਤੇ ਨਾਮ ਹੁੰਦੈ ਨਾਂ-ਮੈਂ! ਨਾਂ-ਮੈਂ! ਤੇ ਹੁਣ ਮੇਰੇ ਯਾਰੋ ਮਾਪੋ ਅਪੁਣੇ ਆਪੁ ਨੂੰ ਤੇ ਫੇ ਸਭਨਾ ਰਿਸ਼ਤਿਆਂ ਅਰ ਠੇਕੇਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਭਾਂਵੇਂ ਓਹੁ ਧਰਮੀਂ ਹੋਵਣ ਜਾਂ ਦੁਨਿਆਵੀ।

वरदान

वरदान बरसने से पहिले पूछ तो लिया करो भगवान का चाहिए या शैतान साहिब का? ज़िन्दगी लोचते हो यां बंदगी? गुनाह से पायी ज़िन्दगी पनाह में बंदगी!

पसंद

मुझे पसंद हैं वही पुरानी रातें नहीं चाहिए कोई नवीन बातें। तुमरी आँखों में सुलगती वही चाहतें होठों पे लटकती वही प्यास वही बेझिझक धड़कता दिल!

सवाल एह नहीं

सवाल एह नहीं की तुसीं अज्ज बुलाया है पर एह की अज्ज तलक क्यों कर नहीं सद्दा घल्लिया नहीं सद्दा घल्लिया इस दे बावजूद की तुसां नूं इल्म सी  की सात्थों ते साड्डी रहिनुमायी बगैर थाडड़ा हर कर्म कुकर्म होवेगा नाजायज़ होवेगा! Gurmat Sangeet Related

ਜੀਅ ਲੱਗਾ ਰਹਿੰਦੈ

ਕਿਓਂ ਤੁਹਾਂਨੂੰ ਅਸਾਡੇ ਮੁੱਲ ਦਾ ਨਹੀਂ ਜੇ ਅੰਦਾਜਾ ਸਾਡਾ ਜੀਅ ਨਹੀਂ ਘਾਬਰਦਾ। ਕਿ ਅਸਾਨੂੰ ਆਪਣੇ ਮੁੱਲ ਦਾ ਗੁਰਿ ਕਿਤੈ ਖੁਲਾਸਾ ਜੀਅ ਲੱਗਾ ਰਹਿੰਦੈ।

हम – तुम

जिस दिन यह सबित्त हो गया की तुम बस एक फ्रौड ही थे कौम के वर्तमान का कुछ नहीं बिगड़ेगा तुम गर तुम फरेब कर सबित्त भी कर जाओ की हमरी नीयत दरअसल काली थी कौम के वर्तमान का कुछ नहीं बचेगा! तुममें हममें बस इत्ता सा फरक है! हम

दीवे

ए नहीं ताँ ओह दीवे ताँ जलदे ही रहिनगे पर ए नहीं जे पता कि असीं किंने कु बालांगे ते किंने साड्डे ते अर्पित हो बलनगे।